किसी दोस्त ने आज कुछ पंक्तियाँ भेजी मुझे, तो मैंने सोचा क्यूँ ना इन पंक्तियों का जवाब लिखा जाए......
पंक्तियाँ:
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मत करो कोई वादा जिसे तुम निभा न सको,
मत चाहो उसे जिसे तुम पा न सको,
प्यार कहाँ किसी का पूरा होता है,
इसका तो पहला शब्द ही अधूरा होता है..
मेरा जवाब :
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गर कोई वादा करो तो उसको निभाया करो,
कभी-कभी अपनी आँखों में किसी की यादो को बसाया करो,
यूँही कहते हैं लोग "प्यार" का पहला शब्द ही अधूरा है,
कमी है बस इक "यार" की... मिल जाए तो ये पूरा है !!!!
Thursday, September 17, 2009
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1 comment:
us dost ne uske age b ek aur jawab dya tha woh nahi paste kiya tune :)
Anyways u have vry gud collections of ur poems ..n all r very touching ..!!
Gud to see that ..!!
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