Monday, September 14, 2009

मेरा चाँद

भूल जाऊ तुझको तो ये खता होगी....
अगर तू याद ना आये तो ये मेरी सजा होगी,
तमन्ना है मुझे उस चाँद कि पिछली कई ईदों से,
आएगा नज़र वो इस ईद पर ... गर रब्ब कि रजा होगी !!!!

1 comment:

Unknown said...

Inshallah..aapki dua zaroor kabul hogi...Ameen!