बस अब और इंतज़ार नहीं होता, तेरी चाहत इस कदर छाई है,
हर घडी तेरी आरजू है इस दिल को, मेरी हर सांस में तू ही तू समाई है,
बेचैनी इस कदर बढ़ जायेगी, कभी सोचा न था.... तुझसे मिलने से पहले.....
हालत ही बयां नहीं होती लफ्जों में, मेरी जान पे कुछ इस कदर बन आई है....
Saturday, July 17, 2010
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1 comment:
BAHUT SUNDAR LINES...BAHUT BAHUT BADHAI..
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