मुकद्दर से सब मिला , बस तेरी ही एक कमी रह गई,
हर मुराद दिल की पूरी हुई, बस तू ही कहीं दिल की गलियों में खो गई,
चाह तो बहुत तुझे एक बार आजमा लू, अपना बना लू-पलकों में सजा लू,
पर मजबूर रहा खुद से -तो कभी हालात से , मेरी येही एक कहानी अधूरी रह गई......
Wednesday, August 26, 2009
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1 comment:
this is really heart touching...
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